पंजाब में किसान फिर रेल पटरियों पर बैठेंगे! सरकार को कल 12 बजे तक अल्टीमेटम

किसान मजदूर कमेटी पंजाब के नेता सरवन सिंह पंधेर जानकारी देते हुए।
अमृतस​र- किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज कर दिया है। अमृतसर में बुधवार को संगठन की बैठक में फैसला लिया गया कि अगर 17 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक सरकार की ओर से किसानों और मजदूरों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो इसके बाद पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।

किसान नेताओं के मुताबिक पहले चरण में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत कई जगहों पर रेल यातायात रोकने का कार्यक्रम तय है। वहीं, पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर लगाए जा रहे धरने भी जारी हैं। नेताओं ने बताया कि पटियाला में मंत्री के घर के बाहर चल रहा धरना तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है।

किसान नेताओं का कहना है कि करीब एक महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। इसके अलावा, 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए थे, लेकिन उनके मुताबिक सरकार की ओर से किसानों से बातचीत नहीं की गई।

प्रदर्शन करती हुईं महिलाओं की फाइल फोटो।
प्रदर्शन करती हुईं महिलाओं की फाइल फोटो।

ये है किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगें

किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। इसके अलावा शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए।

किसान नेता मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। साथ ही पंजाब में गिरते भूजल स्तर और नदी के पानी की सुरक्षा, लैंड पूलिंग नीति, भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और चिप वाले बिजली मीटरों से जुड़े मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं। इसके बाद 18 सितंबर की शाम बैठक कर आंदोलन की समीक्षा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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