बठिंडा- पंजाब के बठिंडा की मौर विधानसभा सीट से AAP विधायक सुखबीर सिंह मैसर खाना ने अपनी ही सरकार के काम पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर लाइव होकर उन्होंने सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी, स्कूलों में अपग्रेडेशन न होने की बात कही है।
मैसर खाना इस दौरान वीडियो में भावुक हो जाते हैं और रोते हुए कहते हैं- मेरे बच्चे खुद सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। जब उनसे पूछता हूं आज क्या पढ़कर आए वो कहते आज टीचर ही नहीं था। स्कूलों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, वो जैसे थे वैसे ही हैं। मैं जब भी अपनी शिकायतों को लेकर सीएम साहब पास जाता हूं, उनके पास टाइम नहीं होता।
विधायक ने आगे कहा- सरकारी स्कूलों में टीचरों के पद खाली पड़े हैं। लोग और स्कूली मैनेजमेंट लगातार खाली पड़े पदों को भरने की मांग करते रहे, पर सुनवाई नहीं हुई।


पढ़िए वीडियो में AAP विधायक ने क्या कहा…
- स्कूलों में टीचर नहीं, बच्चों की पढ़ाई खराब हो रहीः मैसर खाना ने कहा कि सरकारी स्कूलों में टीचरों के कई पद खाली पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि टीचर भी लंबे समय तक खाली पद भरने की मांग करते रहे, लेकिन समस्या बनी रही। अपने बच्चों के स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार बच्चे बताते हैं कि पढ़ाने के लिए टीचर ही मौजूद नहीं था।
- बुर्ज साहिमा स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ: विधायक ने कहा कि बुर्ज साहिमा गांव के स्कूल ने अपग्रेडेशन के लिए जरूरी शर्तें पूरी कर ली थीं। इसके बावजूद स्कूल को अपग्रेड नहीं किया गया। उन्होंने स्कूल ऑफ एमिनेंस में भी पूरा स्टाफ नहीं होने का मुद्दा उठाया और कहा कि इस संबंध में कई बार मांग कर चुके हैं।
- सिसोदिया से फोन पर बात, CM से मिलने की कोशिशः मैसर खाना के मुताबिक उन्होंने मनीष सिसोदिया से फोन पर स्कूलों की स्थिति बताई। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की कोशिश की, लेकिन उनकी बात आगे नहीं बढ़ी। विधायक ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं हो सकता।
- पार्टी ने मुझे किनारे किया: विधायक ने आरोप लगाया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर खड़ा करने के बावजूद उन्हें लगातार किनारे किया गया। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलता तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन लोगों के मुद्दों पर आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।
तरनतारन चुनाव में साजिश की बात कही
मैसर खाना ने दावा किया कि तरनतारन चुनाव के दौरान उनके खिलाफ साजिश रची गई। उनके मुताबिक उनसे यह तक कहा गया कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो उनके परिवार को टिकट दे दिया जाएगा। यह आरोप विधायक ने अपने लाइव में लगाया है।
उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बयानबाजी के बाद उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज हो सकता है। साथ ही कहा कि वे अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेंगे और लोगों के मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे।
बच्चों को राजनीति से दूर रखों
विधायक ने आगे कहा कि उनकी लड़ाई टिकट या पद के लिए नहीं है। वे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब उनके अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और वहां टीचर नहीं हैं, तो वे इस मुद्दे पर चुप कैसे रह सकते हैं। उन्होंने बच्चों को राजनीति से दूर रखने की बात कहते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।









