OSD घुम्मन मामले में ED की एंट्री, जालंधर में केस दर्ज: सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर मिली थी अंतरिम राहत

जालंधर– पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन से जुड़े मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने जालंधर में इस मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया है। यह घटनाक्रम इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुम्मन को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी और किसी भी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम स्टे लगा दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की राहत के ठीक बाद ED की इस कार्रवाई से पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।प्रवर्तन निदेशालय (ED) का यह कदम जालंधर स्थित उनके क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से उठाया गया है।

जांच का दायरा बढ़ा

माना जा रहा है कि ED की इस जांच से आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस नए मोड़ ने न केवल जांच का दायरा बढ़ा दिया है, बल्कि पंजाब की राजनीति में भी गर्माहट ला दी है। विपक्षी दल जहां इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकते हैं, वहीं सत्ता पक्ष इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। अब सभी की निगाहें ED की आगामी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला

  • ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।
  • CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।
  • सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।
  • तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।
  • जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।
  • हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
  • पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची: हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के अगले ही दिन, 6 अक्टूबर को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल कर आदेश को चुनौती दी।
  • 12 अक्टूबर को मिली थी राहत: मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर को 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुमन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर के तहत कोई भी कठोर कार्रवाई न की जाए।

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