थियाड़ा ने कहा कि उसने 14 साल पार्टी को दिए हैं। कैंट में पार्टी के आधार बनाया। उसके वर्करों ने दिन रात मेहनत की। रात 12 बजे तक उसके लड़के काम करते रहे। पंजाब ही नहीं गुजरात तक महीनों गुजारकर कैंपने किया। कैंसर से लड़ रही अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाईं। पिता उससे मिलने के लिए तड़पते रहे। अस्पताल में दाखिल रहने के दौरान पिता ने कई बार याद किया। वह नहीं जा पाई और पिता की मौत हो गई।
हफ्ते-हफते तक अपने बच्चों का चेहरा नहीं देखा। परिवार को वक्त नहीं दिया। पार्टी को सबसे ऊपर रखा और आज पार्टी कह रही है कि सर्वे के आधार पर हटाया है। मैं पूछना चाहती हूं कि किस सर्वे के आधार पर हटाया। वो सर्वे हुआ कहां, किसने किया। पार्टी इसकी रिपोर्ट क्यों नहीं दे रही। मुझे रोज फोन आ रहे हैं कि ये दीपक कौन है। उसे तो ग्रामीण इलाकों में लोग जानते तक नहीं। ये सर्वे कहां पर करवाया गया।

जानें लाइव कॉन्फ्रेंस में थियाड़ा ने क्या कहा…
- मैं तो इनको यहां से भगा दूंगी: आम आदमी पार्टी की जालंधर कैंट पूर्व हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा ने कहा कि अगर मुझसे मिलकर नहीं चले तो मैं तो इनको अपने हलके से भगा दूंगी (मैं एन्हां दिया पूंछां चका देयांगी)। थियाड़ा ने कहा कि मैंने दीपक बाली को मिलकर काम करने के लिए कहा था लेकिन उसने इससे मना कर दिया। थियाड़ा ने दो टूक कहा कि अब दीपक बाली की टीम से ही काम करवा लिया जाए।
- मैं अपने पिता-कैंसर पीड़ित बहन से नहीं मिल पाई: कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान राजविंदर कौर थियाड़ा भावुक हो गईं और रोते हुए पार्टी के लिए दिए अपने योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी सेवा के लिए अपने घर-परिवार तक को नजरअंदाज किया। यहां तक कि जब उनके पिता अस्पताल में अंतिम सांसें ले रहे थे, तब भी वह पार्टी के नगर निगम चुनाव प्रचार में जुटी थीं। थियाड़ा ने दर्द जताते हुए पूछा कि वर्षों की मेहनत और कुर्बानियों का पार्टी ने यह कैसा सिला दिया है।
- पूछा-वो कौन सा सर्वे है जिसके आधार पर उसे हटाया: थियाड़ा ने दिल्ली नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया कि आखिर किस सर्वे के आधार पर उनका नाम काटा गया है। उन्होंने चुनौती दी कि पार्टी उस गांव और क्षेत्र का नाम बताए जहां यह तथाकथित सर्वे कराया गया था। थियाड़ा ने आरोप लगाया कि जो नेता सरकार बनने के बाद पार्टी में शामिल हुए, उन्हें तवज्जो दी जा रही है, जबकि 2012 से दिन-रात मेहनत करने वाले पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर किनारे किया जा रहा है।
- कार्यकर्ताओं और सरपंचों को धमकाने का लगाया आरोप: लीक ऑडियो में थियाड़ा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के प्रतिनिधि उनके समर्थक सरपंचों और वालंटियर्स को डरा-धमका रहे हैं। उन्हें ग्रांट रोकने और जांच बिठाने की धमकियां दी जा रही हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करना तुरंत बंद किया जाए। थियाड़ा ने सख्त तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी हैं और किसी का भी उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगी।
- वालंटियर्स का मिला थियाड़ा को समर्थन: कॉन्फ्रेंस कॉल में मौजूद ज्यादातर स्थानीय नेताओं और युवाओं ने थियाड़ा का खुलकर समर्थन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने पार्टी का चेहरा देखकर नहीं, बल्कि थियाड़ा की मेहनत देखकर AAP का दामन थामा था। इस विवाद के सामने आने के बाद जालंधर कैंट समेत पूरे जिले की राजनीति में हलचल है।









