पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन : 6 जिलों में ट्रैक पर डटे किसान-मजदूर, मोगा में पुलिस से धक्कामुक्की

अमृतसर/मोगा – मोगा में अपनी मांगों को लेकर केकेएम की ओर से गांव महेश्वरी संधूया में रेलवे ट्रैक रोकने का ऐलान किया गया है। किसानों को रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने रेलवे ट्रैक की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि किसान ट्रैक तक पहुंचकर रेल यातायात बाधित न कर सकें। इस दाैरान किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई।  अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित छह स्थानों पर रेल यातायात रोका गया है। पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहेंगे।

किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से बातचीत नहीं की है। मोर्चे की मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम पर स्पष्टीकरण शामिल है। शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा जा रहा है।

रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे किसानों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि सरकार किसानों की मांगों को लेकर पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक मंत्री के घर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ऐसे में सरकार को गहरी नींद से जगाने के लिए किसानों को अपने आंदोलन को धार देने पर मजबूर होना पड़ा है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जायज मांगों को मान नहीं लिया जाता, तब तक यह संघर्ष इसी तरह उग्र रूप में जारी रहेगा। धरने के चलते रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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