परिवार के मुताबिक चोरी करीब एक घंटे के दौरान हुई। पीड़ित सनी ने बताया कि वह किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर गए थे। उनकी पत्नी देवी तालाब अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर में काम करती हैं, जबकि उनकी माता चंचल दशमेश बेकरी में नौकरी करती हैं। घर पर ताला लगा हुआ था।
चंचल ने बताया कि वह करीब 12 बजे घर लौटे तो मुख्य दरवाजा खुला मिला। उन्हें लगा कि शायद परिवार का कोई सदस्य अंदर होगा। आवाज लगाने पर जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पड़ोस के एक युवक को साथ लेकर घर की जांच की। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी का लॉकर टूटा हुआ था।
परिवार के अनुसार, लॉकर में रखे करीब 8 से 9 लाख रुपए के सोने के आभूषण और नकदी गायब थी। चोरों ने घर के मंदिर में रखी तिजोरी भी तोड़ दी। उसमें रखे करीब 20 से 25 हजार रुपये चोरी कर लिए गए। मंदिर में रखी धार्मिक पुस्तकें भी फर्श पर मिलीं। वारदात में इस्तेमाल किए गए कुछ औजार चोर मौके पर छोड़ गए।
परिवार ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
परिवार का आरोप है कि सूचना देने के आधे घंटे से अधिक समय बाद तक थाना-2 की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।









