चंडीगढ़- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन CBI जांच के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे हैं। घुम्मन ने कहा कि CBI को कार्रवाई से पहले सरकार से परमिशन लेनी चाहिए। घुम्मन ने CBI की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। कल इस मामले में सुनवाई होगी।
उधर, CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई टल गई। कोर्ट अब इस मामल में 9 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
मामला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के सामने सूचीबद्ध था। सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस दत्ता ने कहा कि मामले को कल लिया जाएगा, क्योंकि फाइल जस्टिस नागू के पास देर से पहुंची है।
पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने किसी भी जल्दबाजी वाली कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी करने का अनुरोध किया। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि जब दूसरे जज को फाइल पढ़ने का मौका ही नहीं मिला, तो ऐसा आदेश कैसे पारित किया जा सकता है। इसके बाद मामले को 8 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।

CM के कैंप ऑफिस समेत 8 जगह हुई थी रेड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने मंगलवार शाम 5 बजे CM भगवंत मान के चंडीगढ़ कैंप ऑफिस, सीएम के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के घर समेत पंजाब में 8 जगहों पर रेड की। टीमों ने लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई रात 11 बजे तक चली।
इसके बाद घुम्मन समेत 6 लोगों को समन जारी किया गया। उन्हें चंडीगढ़ में CBI ऑफिस में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
बता दें कि ED ने CM ऑफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ED ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बताया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की।
पंजाब सरकार ने CBI जांच रोकने की मांग की
पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र और संघीय ढांचे से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए बुधवार या गुरुवार को मामले को लेने की बात कही थी।
हाईकोर्ट ने CBI को FIR और जांच के आदेश दिए
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी पर CBI जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ED के आरोपों की जांच के दौरान ही उनकी पुष्टि या खंडन होगा।
ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के आरोप लगाए
ED ने जुलाई-अगस्त में पंजाब DGP को भेजी चिट्ठियों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। ED के आरोपों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित प्रभाव का जिक्र था। एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था।
CBI ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और RS नागरा के नाम शामिल हैं। इसके बाद मंगलवार को CBI ने इनसे जुड़े 8 ठिकानों पर तलाशी ली।









