कई रुटों पर आज भी बसें नहीं चली। इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है। प्रदर्शन से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पनबस मुलाजिम डिपो के अंदर बसें खड़ी कर कर्मचारियों ने धरने का मोर्चा खोल दिया है। हड़ताल के कारण बसों की कमी से यात्री घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करने को मजबूर हैं। यात्री मनप्रीत कौर ने बताया कि बसों की हड़ताल के कारण गाड़ियां कई-कई घंटे देरी से मिल रही हैं।


पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों प्रमुख मांगे
- संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत कर्मचारियों को सर्विस रूल्स के तहत रेगुलर करना
- आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती किए कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट आधारित व्यवस्था में लाना
- पिछले आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज पुलिस मुकदमों को तुरंत रद्द करना
पनबस के मुलाजिम 2026 में 6 बार धरने पर बैठ चुके हैसरकारी आंकड़ों और यूनियन के पिछले रिकॉर्ड के मुताबिक, मुलाजिम नेता अपनी मांगों को लेकर 2026 में छ बार धरने में बैठ चुके है। लेकिन सरकार से हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगता है। कई बार यूनियन बड़े प्रदर्शनों का ऐलान करती है और फिर सरकार के साथ बातचीत के बाद हड़ताल को अगले महीने के लिए टाल देती है। इस खींचतान के बीच मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ लेने वाली महिलाओं और आम यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।









