इस दौरान स्टेथोस्कोप भी टूट गया। बीच-बचाव करने आए एंबुलेंस चालक के साथ भी युवक ने हाथापाई की और उसके कपड़े फाड़ दिए। थाना सिटी खरड़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे काबू कर लिया।
पुलिस को दिए बयान में मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरशरनप्रीत कौर (29), निवासी मकान नंबर 4339, ब्लॉक-ई, गमाडा, एयरोसिटी मोहाली ने बताया कि 24 अक्टूबर को उनकी ड्यूटी रात 8 बजे शुरू हुई थी। करीब 8:30 बजे वह इमरजेंसी में तैनात थीं। इसी दौरान एक लड़की उनके पास आई और मरीज रजत पाल को देखने के लिए कहा।

डॉक्टर के अनुसार, वह इमरजेंसी ड्यूटी रूम से उठकर वार्ड में गईं और मरीज की जांच की। उस समय वह ठीक था, लेकिन कुछ ही देर बाद रजत पाल अचानक हाथ-पैर मारने लगा। उन्होंने स्टाफ को उसे माइनर ओटी में ले जाने के लिए कहा। वहां पहुंचने पर युवक ने स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। डॉक्टर और स्टाफ द्वारा समझाने के बावजूद वह शांत नहीं हुआ।

युवक समझाने पर भी नहीं माना
डॉ. हरशरनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने युवक को समझाने का प्रयास किया तो उसने उनका गला पकड़कर नीचे गिरा दिया। इसके बाद उनकी शर्ट पकड़कर बटन तोड़ दिए और उन्हें शर्ट से पकड़कर घुमा दिया, जिससे उनके गले में पड़ा स्टेथोस्कोप भी टूट गया। युवक ने अस्पताल के स्टाफ के साथ भी हाथापाई की।
एंबुलेंस चालक से भी की हाथापाई
डॉक्टर ने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने अस्पताल के एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह को आवाज लगाई। मौके पर पहुंचे चालक के साथ भी रजत पाल ने हाथापाई की, उसके कपड़े फाड़ दिए और मारपीट की। डॉक्टर ने आशंका जताई कि युवक ने किसी प्रकार का नशा किया हुआ था। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस को फोन पर मिली थी झगड़े की सूचना
थाना सिटी खरड़ में मौजूद एएसआई राज कुमार को सूचना दी कि सिविल अस्पताल खरड़ में एक युवक ड्यूटी डॉक्टर के साथ झगड़ा कर रहा है। इस पर एएसआई ने महिला पुलिस कर्मचारी को अस्पताल भेजने के निर्देश दिए और स्वयं पुलिस कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. हरशरनप्रीत कौर से मुलाकात हुई। उस समय अस्पताल के स्टाफ ने एक युवक को काबू किया हुआ था। पूछताछ में उसने अपना नाम रजतपाल सिंह पुत्र अरविंदपाल, निवासी मकान नंबर 102, हीरा सिंह नगर, राम बाग के नजदीक, खरड़, जिला एसएएस नगर बताया।
मौके पर कांस्टेबल जसविंदर कौर भी पहुंचीं। डॉक्टर ने महिला पुलिस कर्मचारी की मौजूदगी में एएसआई राज कुमार को अपना बयान दर्ज करवाया। स्टाफ नर्स अनीशा और एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह ने भी बयान की पुष्टि की।

बीएनएस की धाराओं सहित सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज
पुलिस ने बयान के आधार पर आरोपी रजतपाल सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 132, 221 और 76 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई की।









